शरीर सुख संबंधी सुखों को लेकर जो चाहत है उनमे अधिकतर यही होता है। उन सुखों को लेकर जो निरंतर सुख कि कल्पना हमने ईजाद कर रखी है वो इस सदी कि सबसे दुखड़ायी स्थिति है। मानव का मानव से संबंध बिखरने के स्तर पर है।
Tuesday, December 13, 2022
भविष्य को लेकर बहुत सी संकल्पनाए समाज मे व्याप्त हैं, लेकिन जो संकल्पना मैं आपको बताने जा रहा हूँ इसमे बात समझने की यह है कि हर रास्ता चुनने का एक नतीजा है। रास्ता चुनने के लिए मानव स्वतंत्र है लेकिन उसके नतीजे के लिए स्वतंत्र नहीं है। हर अमल का एक नतीजा है। जब हमें नतीजे का पता नहीं होता है तो हम परेशान होते हैं।
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